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देवर ने चाटी अपनी भाभी की चूत

मेरे प्यारे दोस्तों कैसे हो आप सब। आज की कहानी devar ne chaati apni bhabhi ki choot है। मेरा नाम roshni है। आज मुझे बहोत ज़्यादा ख़ुशी होती है। में एक ऐसी figure की मालकिन हूँ। जिसके आशिक सब है।

 

मैं www.hindiantarvasana.com का धन्यवाद करना चाहती हूँ। इसके माध्यम से में आपको अपनी कहानी लिख रही हूँ। मेरा येन सफर जारी रहेगा। मैं काफी समय से लंड की प्यासी थी। मैंने सोचा क्यों न अपने किसी दोस्त से ही चुदवा लिया जाए।

 

मेरे पति काम के सिलसिले में घर से ज़्यादातर बाहर ही रहते है। मैं बहोत परेशान सी होने लगी थी। क्युकी मुझे लंड का जुगाड़ करना था। मैं ऑनलाइन चैट करती थी। लेकिन आज कल किसी पर भरोसा भी तो नहीं कर सकते।

 

मेरे बहोत सारे दोस्तों ने तो मुझे अपने बड़े बड़े लंड की भी तस्वीरें भेजी। किसी किसी का लंड तो 7 इंच का भी था। उनके लंड देखकर में ऊँगली करके अपनी आप को तसल्ली दे देती थी। मैं हर दिन यही कर रही थी।

 

मुझे मेरी किस्मत पर भरोसा था। एक दिन 8 इंच बड़ा लंड खुद हमारे घर आया। वो मेरे पति का दूर का रिश्तेदार है। उसका नाम सतीश है। मुझे अब सतीश से ही अपनी प्यास भुजवानी थी। सतीश एक हट्टा कट्टा नौजवान है।

 

यें बात दरअसल पिछले महीने की है। सतीश पढ़ाई के सिलसिले में हमारे घर आया था। वो पड़ने लिखने वाला लड़का था। मुझे बहोत ज़्यादा दिक्कत होने लगी। क्युकी वो मेरी तरफ ध्यान ही नहीं देता था।

 

मैंने छोटे छोटे कपडे पहनना शुरू कर दिया। उसका भी उसके ऊपर कोई असर नहीं पड़ा। मैं अलग अलग तरीके अपनाने लगी। जैसे अपनी ब्रा और चड्डी बाथरूम में छोड़ देती थी। उसने कभी उसके ऊपर भी नहीं झाड़ा। था

 

एक दिन वो नहा रहा था तो वो टोलिया ले जाना भूल गया। उसने मुझे आवाज़ लगायी। मैंने सोचा यही मौका है। उसका एक हाथ दरवाज़े से बहार था। मैं धक्का मार्के बाथरूम में आ गयी। और ऐसा महसूस कराया की मेरा पैर फिसल गया है।

 

मैंने अपनी ज़िन्दगी में इतना बड़ा लंड नहीं देखा था। सतीश अपने हाथो से अपना लंड छुपा रहा था। लेकिन उसके हाथो के पीछे उसका 8 इंच बड़ा लंड कहा छुपने वाला था। मैंने थोड़े मज़े लेते हुए पुछा। सतीश यें क्या है जो तुम छुपाने की कोशिश कर रहे हो

 

सतीश को भी अंदाज़ा हो गया था कि मैं उससे चुदवाना चाहती हूँ। उसने अपना हाथ हटाया और कहा आप खुद देख लो। मुझे यकीन नहीं हो रहा था। जो इतना शरीफ लड़का था। वो इतने प्यार से मान गया।

 

मैं उसके पास आयी और उसके लंड को अपने हाथो से नापने लगी। मैं यें सब कर ही रही थी। की उसने मेरे बालो को बालो को पीछे से पकड़ा। शायद वो चाहता था की मैं उसका लंड चुसू। शायद वो थोड़ा शर्मा रहा था।

 

मैंने भी देर न करते हुए उसके लंड पर थोड़ा थूक लगाया। मुझे इतना मोटा और लम्बा लंड जो लेना था। मैंने उसके लंड के आगे के हिस्से को बहोत अच्छे से चाटा। उसको बहोत आनंद आ रहा था। और वो बार बार बोल रहा था।

 

शाबाश मेरी रानी ऐसे ही ऐसे ही शाबाश। बहोत मेहनत करने के बाद भी मैं उसका आधा लंड ही अपने मुँह में ले पायी। उसको शायद थोड़ी सी निराशा थी। उसने मुझे फर्श पर ही लेटा दिया। उसने मुझसे कहा की मैं दिखता हूँ कैसे चाटते है।

 

उसने अपनी नरम नरम जीब से मेरी चूत बहोत अच्छे से चाटी। मुझे इतना मज़ा आज तक नहीं आया था। मेरा आनंद चरम सीमा पर था। मै बहोत तेज़ तेज़ सिसकियाँ ले रही थी।आआह्ह्ह्हह्ह आआह्ह्हह्ह्ह्ह अहहहहहहह शाबाश मेरे राजा आअह्ह्ह्हह्हह आह्ह्ह्हह्ह ऐसे ही आह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह्ह अहहहहहहहहहहह शाबाश ऐसे ही।

 

मैं झड़ने ही वाली थी। मैंने उसे बताया की मैं झड़ने वाली हूँ। लेकिन उसने कहा कोई बात नहीं नहीं। उसने मेरा सारा माल पी लिया। मुझे उस दिन बहोत ज़्यादा आनंद आया।

Hindi Antarvasna

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