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बीवी की अदला बदली कर लिए चुदाई के मज़े Part -3

अगले कुछ दिनों तक हमारी मुलाकात विनोद और सुधा से नहीं हो पायी। उस रात की चुदाई ने हमारी सैक्स लाईफ को एक नया मोड़ दिया था। अक्सर रात को बिस्तर में हम उस रात की चर्चा करते और जमकर चुदाई करते। हम दोनों की इच्छा थी कि विनोद और सुधा के साथ एक रात और गुज़ारी जाये।

एक दिन शाम के छः बजे विनोद हमारे घर आया। उसने बताया कि वो ऑफिस के काम में काफी मशगूल था, इसलिए हम लोगों से नहीं मिल पाया। बातचीत के दौरान मैंने विनोद को बताया कि अगले वीक-एंड पर मैं और नेहा गोआ घूमने जा रहे हैं। मैंने विनोद से कहा, “विनोद तुम और सुधा क्यों नहीं साथ चलते हो?”

विनोद कुछ देर सोचते हुए बोला, “मैं तैयार हूँ… पर हम लोग आपस में एक शर्त लगाते हैं। जो शर्त हार जायेगा उसे घूमने का सारा खर्च उठाना पड़ेगा… बोलो मंजूर है?”
“पर शर्त क्या होगी?” मैंने विनोद से पूछा।
“शर्त ये होगी कि अगले दस दिन तक हम सफ़र की तैयारी करेंगे। इन दस दिनों में हम चारों चुदाई के गुलाम होंगे। हम एक दूसरे से कुछ भी करने को कह सकते हैं, जो पहले काम के लिए मना करेगा वो शर्त हार जायेगा,” उसने कहा। You must enjoy this sex with oher partner in wife sharing stories

नेहा ये बात सुनते ही उछल पड़ी “मुझे मंजूर है।” जब नेहा हाँ बोल चुकी थी तो मैं कौन होता था ना करने वाला, बल्कि मैं तो तुरंत सुधा के ख्यालों में खो गया कि मैं उसके साथ क्या-क्या कर सकता हूँ, और अगर उसने इनकार किया तो छुट्टियाँ फ़्री में हो जायेंगी, पर मुझे क्या मालुम था कि आगे क्या होने वाला है।

“ठीक है विनोद हमें मंजूर है,” मैंने कहा। They cannot imagine of reading wife sharing stories.
“तो ठीक है हमारी शर्त कल सुबह से शुरू होगी,” कहकर विनोद चला गया।
मुझमें और विनोद में शर्त लग चुकी थी। अब हम अपनी ख्वाहिशें आजमाने का इंतज़ार करने लगे। दूसरे दिन विनोद शाम को हमारे घर आया और शर्त को शुरू कर दिया। उसने नेहा को अपने पास बुलाया, “नेहा तुम अपने कपड़े उतार कर नंगी हो जाओ।”

नेहा ने अपने पूरे कपड़े उतारे और नंगी हो गयी। विनोद ने उसकी चूत पे हाथ फिराते हुए कहा, “नेहा पहले तुम अपनी झाँटें साफ़ करो, मुझे चूत पे बाल बिल्कुल भी पसंद नहीं है और उस दिन जैसे ही कोई सैक्सी से हाई हील के सैंडल अपने पैरों में पहन लो।”
नेहा वहाँ से उठ कर बाथरूम में चली गयी। थोड़ी देर बाद नेहा बाथरूम से बाहर निकल कर आयी। मैंने देखा कि उसकी चूत एक दम चिकनी और साफ लग रही थी। बालों का नामो निशान नहीं था। नेहा ने लाल रंग के हाई हील के सैंडल भी पहन लिये थे। विनोद ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया और उसे चूमते हुए उसकी चूत में अपनी अँगुली डाल दी। I listen about wife sharing stories but don’t expect with myself.

“वाह क्या चूत है तुम्हारी,” कहकर विनोद अपनी दूसरी अँगुली उसकी चूत में डाल अंदर बाहर करने लगा।
विनोद ने नेहा को खड़ा किया और खुद खड़ा हो अपने कपड़े उतारने लगा। उसका खड़ा लंड शॉट्‌र्स के बाहर निकल कर फुँकार रहा था। नेहा आगे बढ़ कर उसके लंड को अपने हाथों में ले सहलाने लगी।

दोनों एक दूसरे के अँगों को सहला रहे थे, भींच रहे थे। कमरे में मेरी मौजूदगी का जैसे किसी को एहसास नहीं था। “आज मैं तुम्हें ऐसे चोदूँगी कि तुम ज़िंदगी भर याद करोगे?” इतना कहकर नेहा विनोद को खींच कर बिस्तर पे ले गयी। He is useful to do this wife swapping so he is confident in wife sharing stories.
नेहा ने विनोद को बिस्तर पर लिटा दिया। उसका लंड पूरा तन कर एक दम तंबू के डंडे की तरह खड़ा था। नेहा उसकी टाँगों को फैला कर बीच में आ गयी और उसके लंड को चूमने लगी। मैं पीछे खड़ा ये नज़ारा देख रहा था। नेहा के झुकते ही उसकी गोरे चूत्तड़ ऊपर उठ गये थे और उसकी गुलाबी चूत साफ दिखायी दे रही थी।

मैं देख रहा था की नेहा विनोद के लंड को अपने हाथों से पकड़ कर उसके सुपाड़े को चाट रही थी। फिर उसने अपना पूरा मुँह खोल कर उसके लंड को अपने गले तक ले लिया।
इतना कामुक और उत्तेजित नज़ारा देख कर मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मेरा लंड मेरी पैंट में पूरा तन गया था। मैं भी अपने कपड़े उतार कर अपने लंड को सहलाने लगा। नेहा एक कामुक औरत की तरह विनोद के लंड की चूसाई कर रही थी। विनोद ने जब मुझे अपने लंड से खेलते देखा तो कहा, “सुशीलऐसा करो, तुम अपनी बीवी को थोड़ी देर चोद कर उसकी चूत को मेरे लंड के लिये तैयार करो।”

मुझे एक बार तो बहुत बुरा लगा कि एक दूसरा मर्द मुझे ही मेरी बीवी को चोदने के लिये आज्ञा दे रहा है पर लंड की अपनी भूख होती है और ऊपर से हमारी शर्त। मैं झट से नेहा के पास पहुँचा और उसके चूत्तड़ पकड़ कर एक ही झटके में अपना पूरा लंड उसकी बिना बालों की चूत में पेल दिया।
मेरे लंड के अंदर घुसते ही नेहा ने अपने चूत्तड़ और पीछे की और करते हुए मेरे लंड को और अंदर तक ले लिया। मैं जोर के धक्के लगा कर नेहा को चोद रहा था और वो हर धक्के के साथ उतनी ही तेजी से विनोद के लंड को चूस रही थी। You are reading this sex story through our writer wife sharing stories.

“सुशील लगता है अब नेहा तैयार हो गयी है।” विनोद ने नेहा की चूचियों को मसलते हुए मुझे हटने का इशारा किया। नेहा ने अभी आखिरी बार उसके लंड को चूमा और उठ कर घूम कर बैठ गयी। नेहा अपने दोनों पाँव विनोद के शरीर के अगल बगल रख कर बैठ गयी। उसकी पीठ विनोद की और थी और उसका चेहरा मेरे सामने था। नेहा मुझे आँख मार कर थोड़ा सा उठी और विनोद का लंड अपने हाथों में ले कर उसे अपनी चूत पे रगड़ने लगी। थोड़ी देर लंड को अपनी चूत पे रगड़ने के बाद वो एक हाथ से अपनी चूत का मुँह फ़ैलाते हुए नीचे की और बैठने लगी। विनोद का पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा चुका था।
अब नेहा अपनी दोनों चूचियों को पकड़ कर एक ब्लू फ़िल्म की अदाकारा की तरह उछल-उछल कर विनोद को चोद रही थी। जैसे ही वो ऊपर की और उठती तो उसकी चूत थोड़ा सुकड़ जाती और जब वो जोर से उसके लंड पे बैठती तो चूत खुल कर लंड को अपने में समेट लेती। दोनों उत्तेजना में भर चुके थे, विनोद के हाथ उसकी कमर पर थे और धक्के लगाने में सहायता कर रहे थे।

उनके शरीर की अकड़न देख कर मैं समझ गया कि दोनों का पानी छूटने वाला है। इतने में विनोद ने नेहा को रुकने के लिये कहा। नेहा रुक गयी। विनोद ने उसे खींच कर अपनी छाती पे लिटा लिया। नेहा अब विनोद की छाती पर पीठ के बल लेती थी। विनोद ने नेहा की टाँगों को सीधा कर के फैला दिया जिससे उसका लंड चूत में घुसा हुआ साफ दिखायी दे रहा था।
“सुशीलआकर अपनी बीवी की चूत को चूसकर उसका पानी क्यों नहीं छुड़ा देते?” कहकर विनोद ने नेहा की चूत को अपने हाथों से और फैला दिया। मैं अपने आपको रोक ना सका और उछल कर उन दोनों की टाँगों के बीच आ अपना मुँह नेहा की चूत पे रख दिया। मैं जोर-जोर से उसकी चूत को चूस रहा था और चाट रहा था। मेरी जीभ की घर्षण ने दोनों के बदन में आग लगा दी।

थोड़ी देर में विनोद ने अपने चूत्तड़ ऊपर की और उठाये जैसे कि अपना लंड उसकी चूत में जड़ तक समाना चाहता हो। मैं समझ गया कि उसका पानी छूटने वाला है। नेहा ने भी अपनी चूत का दबाव विनोद के लंड पर बढ़ा कर अपना पानी छोड़ दिया। विनोद ने भी नेहा की कमर को जोर से पकड़ अपने वीर्य को उसकी चूत में उड़ेल दिया। Neha is still thirsty of sex as he is not discharge in wife sharing stories.
मैं नेहा की चूत जोर से चूसे जा रहा था और साथ ही साथ अपने लंड को रगड़ रहा था। जब विनोद के लंड ने अपना सारा पानी नेहा की चूत में छोड़ दिया तो विनोद ने नेहा को अपने से नीचे उतार दिया और मेरी तरफ़ देखते हुए कहा, “सुशीलअब तुम नेहा को चोदो।”

नेहा मेरे सामने अपनी टाँगें फ़ैलाये लेटी थी। उसकी गुलाबी चूत मेरे सामने थी और साथ ही मुझे उसकी चूत से टपकता विनोद का वीर्य साफ दिखायी दे रहा था। दूसरे के वीर्य से भीगी अपनी बीवी की चूत में लंड डालने का मेरा कोई इरादा नहीं था। जब विनोद ने मुझे हिचकिचाते हुए देखा तो इशारे से मुझे शर्त याद दिलायी।

मेरे पास कोई चारा नहीं था, इसलिए मैं नेहा की टाँगों के बीच आ गया और एक ही धक्के में अपने खड़े लंड को उसकी चूत में जड़ तक समा दिया। मैंने देखा कि मेरा लंड विनोद के वीर्य से लिथड़ा हुआ नेहा की चूत के अंदर बाहर हो रहा था।
नेहा ने अपनी उखड़ी साँसों को संभाल कर अपनी आँखें खोलीं और मुझे देख कर मुस्कुरा दी। फिर उसने पलट कर विनोद की और देखा। विनोद उसकी और बढ़ कर उसके होंठों को चूसने लगा। मैं अपनी बीवी को कस के चोदे जा रहा था और वो दूसरे मर्द के होंठों का रसपान कर रही थी। विनोद अब नीचे की और बढ़ कर उसकी एक चूँची को मुँह मे ले चूस रहा था।
इतने में विनोद झटके से उठा, “तुम दोनों मज़ा करो,” कहकर वो अपने कपड़े पहन वहाँ से चला गया। मैंने नेहा की और देखा तो उसने अपनी टाँगें मोड़ कर अपनी छाती पर रख लीं और अपनी अँगुली मुँह में गीली कर के अपनी चूत में घुसा दी। wife sharing stories are very awesome Hindi sex story Enjoy this.

मैं और तेजी से उसे चोदने लगा और वो अपनी अँगुली से खुद को चोद रही थी। मुझे पता था कि थोड़ी ही देर में उसकी चूत फिर पानी छोड़ देगी और मेरा लंड उसकी चूत में पानी छोड़ देगा। थोड़ी ही देर में हम दोनों का शरीर अकड़ने लगा और नेहा ने अपनी नसों के खींचाव से मेरे लंड को पूरा भींच लिया। उसकी चूत ने इतनी जोरों का पानी छोड़ा कि मुझे ऐसा लगा कि मेरे लंड पर कोई बाँध खुल गया है। मैंने भी उसे जोरों से भींचते हुए अपना वीर्य उगल दिया। you are enjoying sex in wife sharing stories where two couple are sharing.
हम दोनों आपस में शर्त तो लगा चुके थे, पर इस शर्त की हद कहाँ तक हमें ले जायेगी, ये मुझे कुछ दिनों के बाद पता चला। मैंने और नेहा ने विनोद और सुधा का अपने दोस्तों से परिचय कराने के लिए एक छोटी सी पार्टी रखी थी। We are not very useful about wife sharing stories but we are enjoying this.

मैंने सोच लिया था कि मैं सुधा को वो सब करने को कहुँगा जो वो नहीं करना चाहती। अगर उसने ना कहा तो मैं शर्त जीत जाऊँगा। पार्टी के दिन मैं ऑफिस में यही सोचता रहा और शाम तक मैंने सब कुछ सोच लिया था कि मुझे क्या करना है। wife sharing stories
सुधा के खयालों में खोया हुआ जब मैं शाम को घर पहुँचा तो मेरा लंड पूरा खंबे के जैसे तना हुआ था। नेहा ने मुस्कुराते हुए दरवाज़ा खोला और मुझे बांहों मे भर कर चूम लिया। मेरा लंड उसकी चूत पे ठोकर मार रहा था। नेहा ने दरवाज़ा बंद किया और घुटनों के बल बैठते हुए मेरी पैंट के बटन खोलने लगी।

मैं दीवार का सहारा ले कर खड़ा हो गया और नेहा मेरे लंड को बाहर निकल चूसने लगी। वो मुझे जोर-जोर से चूस रही थी और मैं उसके बालों को पकड़ अपने लंड पर उसके मुँह को दबा रहा था। थोड़ी देर में मेरे लंड ने उसके मुँह में वीर्य छोड़ दिया जिसे वो सारा गटक गयी।
अपने होंठों पे लगे मेरे वीर्य को अपनी जीभ से साफ करते हुए वो बोली, “सुशीलजानते हो आज मैं बाज़ार से क्या लेकर आयी हूँ?” इतना कह वो मुझे घसीट कर बेडरूम मे ले गयी। बेडरूम मे पहुँच कर मैंने देखा कि बिस्तर पर एक बहुत ही काले रंग का नौ इंच लंबा और तीन इंच मोटा डिल्डो पड़ा था।
नेहा ने बताया कि वो ये डिल्डो सुधा के साथ बाज़ार से लायी है। ये बेटरी से चलता है। नेहा इसे आजमाना चाहती थी। मैंने दसुशीलसे बेटरी निकाल कर उसमें लगा दी। नेहा बिस्तर पर लेट गयी और अपने गाऊन को कमर तक उठा दिया और अपनी चूत को फैला दिया।
मैंने देखा की कई दिनों से नेहा ने पैंटी पहनना छोड़ दिया था। “मैं चाहती हूँ कि तुम इसे मेरी चूत में डालकर मुझे इससे चोदो,” कहकर नेहा ने डिल्डो मेरे हाथों में पकड़ा दिया। मैंने पहले उसकी सफ़ाचट चूत को चूमा और फिर डिल्डो को उसकी चूत के मुहाने पे रख दिया। डिल्डो मेरे लंड से भी मोटा था और मैं सोच रहा था कि वो नेहा की चूत में कहाँ तक जायेगा। Vinod is using Dildo to my wife in wife sharing stories.

मैंने डिल्डो उसकी चूत पे रखा और अंदर घुसाने लगा। नेहा अपनी टाँगें हवा में उठाय हुए थी। थोड़ी देर में ही पूरा डिल्डो उसकी चूत में घुस गया और मैंने उसका का स्विच ऑन कर दिया। अब वो नेहा को मज़े दे रहा था और उसके मुँह से सिस्करी निकल रही थी, “ओहहहहहहह आआआआआहहहहहह।”
इतने में ही फोन की घंटी बजी। नेहा झट से बिस्तर पर से उठ कर फोन सुनने लगी। फोन पर उसकी फ्रेंड थी जो थोड़ी देर में हमारे घर आ रही थी। नेहा ने अपने कपड़े दुरुस्त किए और डिल्डो को बेड के साईड ड्रावर (दराज) में रख दिया। दरवाज़े की घंटी बजी और नेहा अपनी फ्रेंड को रिसीव करने चली गयी।

मैंने भी रात के कार्यक्रम को अंजाम देने की लिए सुधा का फोन मिलाया। उसने पहली घंटी पर ही फोन उठाया और हँसते हुए पूछा, “नेहा को अपना नया खिलोना कैसा लगा?” मैंने उसकी बातों को नज़र-अंदाज़ कर दिया। मैंने उसे बताया कि उसे रात की पार्टी में टाईट काले रंग की ड्रेस पहन कर आनी थी और उसे नीचे कुछ भी नहीं पहनना था। ना ही किसी तरह की ब्रा और न ही पैंटी। और साथ ही सैंडल भी एक दम हाई हील की होनी चाहिए। उसने बताया कि ऐसी ही एक ड्रेस उसके पास है। सुधा ने पूछा कि उनके कुछ दोस्त उनके साथ रहने के लिये आ रहे हैं तो क्या वो उन्हें साथ में पार्टी में ल सकती है। मैंने उसे हाँ कर दी।
सबसे पहले पहुँचने वालों में विनोद और सुधा ही थे। वे करीब सात बजे पहुँच गये थे। उनके साथ उनके दोस्त अविनाश और मिनी थे। दोनों की जोड़ी खूब जंच रही थी। अविनाश जिसे सब प्यार से अवी कहते थे, थ्री पीस सूट में काफी हेंडसम लग रहा था। और मिनी का तो कहना ही क्या; उसने काले रंग की डीप-कट ड्रेस पहन रखी थी जो उसके घुटनों तक आ रही थी। गोरा रंग, पतली कमर, सुडौल टाँगें और पैरों में चमचमाते हुए काले रंग के स्ट्रैपी हाई हील के सैंडल। मिनी काफी सुंदर दिखायी दे रहे।

पर सुधा को देख कर तो मेरी साँसें ऊपर की ऊपर रह गयी। जैसे मैंने कहा था उसने लो-कट की काले कलर की टाईट ड्रेस पहन रखी थी। और वो मिनी की ड्रेस से भी छोटी थी। उसके घुटनों से थोड़ा ऊपर की और तक। ड्रेस इतनी छोटी थी कि बिना ड्रेस को ऊपर किये उसकी साफ और चिकनी चूत दिखायी दे सकती थी। पता नहीं सुधा ने कैसे हिम्मत की होगी बिना ब्रा और पैंटी के ये ड्रेस पहनने की।

 

नेहा भी अपनी लाल ड्रेस ओर मैचिंग लाल सैंडलों में थी जो उसने इसी पार्टी के लिये नयी खरीदी थी। सबका परिचय कराने के बद मैं अपने काम में जुट गया। मैं सुधा को इशारा कर के बार काऊँटर की और बढ़ गया, और ड्रिंक्स बनाने लगा। जब मैं ड्रिंक्स बना रहा था तब सुधा ने मेरे पीछे आ कर मेरे कान में कहा कि उसने वैसे ही किया जैसा मैंने उसे करने को कहा था।
वो मेरे सामने आकर अपनी टाँगें थोड़ी फैला कर खड़ी हो गयी, जैसे बताना चाहती हो कि वो सही कह रही है। मैंने जान बूझ कर अपने हाथ में पकड़ा बॉटल ओपनर नीचे जमीन पर गिरा दिया। जैसे ही मैं वो ओपनर उठाने को नीचे झुका तो सुधा ने अपनी ड्रेस उठा कर अपनी बालों रहित चूत को मेरे मुँह के आगे कर दिया। उसके इस अंदाज़ ने मेरे लंड को तन्ना दिया। मैंने थोड़ा सा आगे बढ़ कर हल्के से उसकी चूत को चूमा और खड़ा हो गया। अच्छा हुआ मेरी इस हर्कत को कमरे में बैठे लोगों ने नहीं देखा।

धीरे-धीरे लोग इकट्ठे होते जा रहे थे। सुधा मेरे साथ मेरे पीछे खड़ी मुझे ड्रिंक्स बनाने में सहायता कर रही थी। बार की आड़ लेकर मुझे जब भी मौका मिलता मैं उसके चूत्तड़ और उसकी गाँड पे हाथ फिरा देता। एक बार जब हमारी तरफ़ कोई नहीं देख रहा था तो उसने मेरा हाथ पकड़ अपनी चूत पे रख दिया और कहा, “सुशीलमेरी चूत को अपनी अँगुली से चोदो ना।” Sudha is looking very sexy in wife sharing stories and I want to fuck her right now but we are in party so we have to wait for some time to enjoy.

मेरा लंड मेरी पैंट में एक दम तन चुका था। अब मैं उसकी गर्मी शाँत करना चाहता था। पहले नेहा को उसके नये डिल्डो के साथ और अब पिछले तीस मिनट सुधा के साथ खेलते हुए मेरा लंड पूरी तरह से तैयार था।
मैंने नेहा के तरफ़ देखा। वो अविनाश और मिनी के साथ बातों मे मशगूल थी। विनोद भी नेहा के खयालों में खोया हुआ था। ये उप्युक्त समय था सुधा को गेस्ट रूम में ले जाकर चोदने का। मैंने सुधा से कहा, “तुम गेस्ट रूम मे चलो… मैं तुम्हारे पीछे आता हूँ।”

सुधा बिना कुछ कहे गेस्ट रूम की और बढ़ गयी। मगर मेरा इरादा केवल सुधा को चोदने का नहीं था बल्कि मैं चाहता था कि उसकी चुदाई विनोद अपनी आँखों से देखे। मैं उसके पास गया और उसे साईड मे ले जाकर उससे कहा, “विनोद आज मैं तुम्हारी बीवी की गाँड मारूँगा और मैं चाहता हूँ कि तुम ये सब अपनी आँखों से देखो। ऐसा करना तुम खिड़की के पीछे छिप कर सब देखो, मैंने खिड़की के पट थोड़े खुले छोड़ दिए हैं।” इतना कहकर मैं गेस्ट रूम की तरफ़ बढ़ गया। I think I am more smarter than Vinod but I was wrong he is very shrude and smart he is one steps ahead from me in wife sharing stories.
मैं कमरे मे पहुँचा तो सुधा मेरा इंतज़ार कर रही थी। मैंने दरवाज़ा बंद किया और उसे बांहों मे भर कर उसके होंठों को चूमने लगा। मैंने उसके बदन को सहलाते हुए उसकी पीठ पर लगी ज़िप खोल दी, “सुधा अपनी ड्रेस उतार दो। Sudha is very hot and did not wait she immediately start to seduce me in wife sharing stories and I did not expect this kind of behaiour as I am very Shy nature.

सुधा ने अपनी ड्रेस उतार दी। उसने नीचे कुछ नहीं पहना था। अब वो सिर्फ काले रंग के हाई हील के सैंडल पहने नंगी खड़ी मेरी और देख रही थी। सुधा उन सैंडलों में नंगी इतनी सुंदर लग रही थी कि किसी भी मर्द को मदहोश कर सकती थी। Sudha is looking seductie in without clothes in wife sharing stories.

मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी चूचियाँ पकड़ कर उसे अपने नज़दीक खींच लिया, और उसके कान में फुसफुसाया, “सुधा आज मैं तुम्हारी गाँड मारना चाहता हूँ।”
मेरी बात सुनकर वो मुस्कुरा दी और बोली, “सुशील मैं पूरी तरह से तुम्हारी हूँ। तुम्हारा जो जी चाहे तुम कर सकते हो।” She is Habitual to doing sex with different men in wife sharing stories.

सुधा अब घुटनों के बल बैठ कर मेरी पैंट के बटन खोलने लगी। बटन खुलते ही मेरा लंड फुँकार मार कर बाहर निकल आया। सुधा बड़े प्यार से उसे अपने मुँह में ले कर चूसने लगी। वो इतने प्यार से चूस रही थी जैसे वो मेरे लंड को अपनी गाँड के लिये तैयार कर रही हो।

मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी किसी औरत की गाँड नहीं मारी थी। मैंने कई बार नेहा को इसके लिए कहा पर हर बार उसने साफ़ मना कर दिया। एक बार मेरी काफी जिद करने पर वो तैयार हो गयी। पर मेरी किस्मत, जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी गाँड में घुसाया, वो दर्द के मारे इतनी जोर की चींखी, कि घबरा कर मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया। उसके बाद मैंने दोबारा कभी इस बात की हिम्मत नहीं की।

मगर आज लग रहा था कि मेरी बरसों की मुराद पूरी होने वाली है। मैंने बिना समय बिताय अपने कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया और सुधा से कहा, अब तुम मेरे लंड को अपनी गाँड के लिए तैयार करो?”
वो खड़ी हो गयी और मेरे लंड को पकड़ कर मुझे बाथरूम की तरफ़ घसीटने लगी, “सुशीलतुम्हारे पास कोई क्रीम है?” She is experienced in Anal Sex and ask for cream in wife sharing stories.

बाथरूम में पहुँच कर मैंने स्टैंड पर से वेसलीन की शीशी उठा कर उसे दे दी। मैंने सब तैयारी कल शाम को ही कर ली थी। सुधा मुस्कुराते हुए शीशी में से थोड़ी क्रीम ले कर मेरे लंड पर मसलने लगी। मेरे लंड को मसलते हुए वो मेरे सामने खड़ी बड़ी कामुक मुस्कान के साथ मुझे देखे जा रही थी।
सुधा शायद समझ चुकी थी कि मैंने अपनी ज़िंदगी मे कभी किसी की गाँड नहीं मारी है। उसने हँसते हुए मुझे बताया कि गाँड मरवाने में उसे बहुत मज़ा आता है। उसने बताया कि विनोद भी अक्सर उसकी गाँड मारता रहता है। She told me that she is doing anal with her husband everyday therefore she is not having any problem for wife sharing stories and feeling happy to do anal sex.
जब मेरा लंड क्रीम से पूरा चिकना हो चुका था तो वो क्रीम की शीशी मुझे पकड़ा कर घूम कर खड़ी हो गयी। शीशे के नीचे लगे शेल्फ को पकड़ वो नीचे झुक गयी और अपनी गाँड मेरे सामने कर दी।

सुधा ने शीशे में से मेरी और देखते हुए अपने टाँगों को थोड़ा फैला दिया जिससे उसकी गाँड और खुल गयी। सुधा मेरी और देखते हुए बोली, “सुशीलअब इस क्रीम को मेरी गाँड पर अच्छी तरह चुपड़ कर मेरी गाँड को भी चिकना कर दो?” During wife sharing stories she spread the cream on my dick.

मैंने थोड़ी सी क्रीम अपनी अँगुलियों पे ली और उसकी गाँड पे मलने लगा। जैसे ही मेरी अँगुलियों ने उसकी गाँड को छुआ, उसने एक मादक सिस्करी लेते हुए अपने सर को अपने हाथों पे रख दिया, “सुशीलअब तुम अपनी एक अँगुली मेरी गाँड मे डाल दो और उसे गोल-गोल घुमाओ।”
मैंने अपनी एक अँगुली उसकी गाँड मे डाल दी और गोल-गोल घुमाने लगा। थोड़ी देर बाद उसने कहा, “अब तुम थोड़ी और क्रीम अपनी अँगुली पे ले कर अपनी दो अँगुलियाँ मेरी गाँड में डाल कर अंदर बाहर करने लगो।”
उसने जैसा कहा, मैंने वैस ही किया। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, एक तो किसी की बीवी की गाँड मारने का मौका और ऊपर से वो ही मुझे सिखा रही थी कि गाँड कैसे मारी जाती है। काश विनोद ये सब देख पता कि कैसे मेरी दो अँगुलियाँ उसकी बीवी की गाँड में अंदर बाहर हो रही थी।
थोड़ी देर बाद जब उसकी गाँड पूरी तरह से चिकनी हो गयी तो वो बोली, “सुशीलअब तुम मेरी गाँड मार सकते हो, ये तुम्हारे लौड़े के लिए पूरी तरह से तैयार है।”
मैंने उसे सीधा किया और अपनी गोद मे उठा कर उसे बिस्तर पे ले आया। मैंने कनखियों से खिड़की की तरफ़ देखा तो मुझे विनोद की परछाईं दिखायी दी। मैंने सुधा को इस अंदाज़ में घुटनों के बल बिस्तर पर लिटाया कि उसकी गाँड खिड़की की तरफ़ हो और विनोद को सब कुछ साफ नज़र आये
सुधा बिस्तर पर पूरी तरह अपनी छातियों के बल लेट गयी जिससे उसकी गाँड और ऊपर को उठ गयी थी। मैं उसकी टाँगों के बीच आ गया और अपना खड़ा लंड उसकी गाँड के गुलाबी छेद पे रख थोड़ा सा अंदर घुसा दिया। wife sharing stories
जैसे ही मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी गाँड के छेद में घुसा, उसके मुँह से सिस्करी निकल पड़ी, “ऊऊऊऊऊईईईईईईई मर गयीईईईईई”

सुधा ने अपने दोनों हाथ पीछे कर के अपने चूत्तड़ पकड़ कर अपनी गाँड को और फैला लिया। उसकी गाँड और मेरा लंड पूरी तरह से क्रीम से लथे हुए थे। मैंने उसके चूत्तड़ को पकड़ कर अपने लंड को और अंदर घुसाया, पर उसकी गाँड इतनी कसी हुई थी कि मुझे अंदर घुसाने में तकलीफ़ हो रही थी।
सुधा ने अपने चूत्तड़ और फैला दिए, “सुशीलथोड़ा धीरे और प्यार से घुसाओ।”
मैंने अपने लंड को बड़े धीरे से उसकी गाँड में घुसाया तो मुझे लगा कि उसकी गाँड के दीवारें और खुल रही हैं और मेरे लंड के लिए जगह बन रही है। मुझे ऐसा लगने लगा कि मैं उसकी गाँड मे लंड नहीं डाल रहा हूँ बल्कि उसकी गाँड मेरे लंड को निगल रही है। थोड़ी ही देर में मेरा पूरा लंड उसकी गाँड मे समाया हुआ था।

अब मैं अपने लंड को उसकी गाँड में धीरे-धीरे अंदर बाहर कर रहा था। मैं अपने लंड को बाहर खींचता और जब सिर्फ़ सुपाड़ा अंदर रहता तो एक ही धक्के में अपना लंड उसकी गाँड मे पेल देता।
सुधा भी अपने चूत्तड़ों को पीछे की और धकेल कर मज़ा ले रही थी, “हाँआआआ सुशीलडाल दो अपने लंड को मेरी गाँड में…. फाड़ दो इसे… लगाओ जोर के धक्के…।”
मुझे भी जोश आता जा रहा था। मैंने सुधा के कंधों को पकड़ कर उसे अपने से और चिपटा लिया। अब मेरा लंड और भी गहराइयों तक उसकी गाँड में जा रहा था। मैं जैसे ही अपना लंड और घुसाता, वो अपने को और मेरी बदन से चिपका लेती। मैं इसी अवस्था में अपने लंड को उसकी गाँड के अंदर बाहर कर रहा था कि मैंने उसके हाथों को अपने आँडकोश पे महसूस किया। वो धीरे-धीरे मेरे गोलों को सहला रही थी। उसके हाथों की गर्मी मुझमें और उत्तेजना भर रही थी।
मेरा लंड अब तेजी से उसकी गाँड के अंदर बाहर हो रहा था। मुझे मालूम था कि मेरा छूटने का समय नज़दीक आता जा रहा है। पर शायद उसका पानी नहीं छूटने वाला था, वो अपना हाथ मेरे अँडों पे से हटा कर अपनी चूत को रगड़ने लगी। मैं और जोर से धक्के मार रहा था।

जब उसका छूटने का समय नज़दीक आया तो वो अपनी दो अँगुलियाँ अपनी चूत मे डाल कर अंदर बाहर करने लगी और चींखने लगी, “हाँ मारो मेरी गाँड को… और जोर से… सुशीलछोड़ दो अपना पूरा पानी मेरी गाँड में…।” She is moaning to feel wife sharing stories and may be cum in during anal.
मैं जोर से उसकी गाँड मे अपना लंड पेले जा रहा था। बहुत ही दिलकश नज़ारा था। जब मेरा लंड उसकी गाँड से निकलता तो उसका छेद सिकुड़ जाता और जब मैं अंदर पेलता तो और खुल जाता। मैं जोर के धक्के लगा रहा था। She told that she often try wife sharing stories and do this very painful.
मैंने महसूस किया कि उसका शरीर अकड़ रहा था और उसकी गाँड ने मेरे लंड को अपनी गिरफ़्त मे ले लिया था। मैं समझ गया कि उसका पानी छूट रहा है। मैंने जोर का धक्का लगाया और मेरे लंड ने भी अपने वीर्य की पिचकारी उसकी गाँड मे छोड़ दी। जैसे ही मेरा लंड वीर्य उगलता, मैं अपने लंड को और जड़ तक उसकी गाँड में समा देता। Now this is my turn to cum in and I enjoy wife sharing stories too much.

मुझे आज पहली बार एहसास हुआ कि गाँड मारने में कितना मज़ा आता है। मैं सुधा की गाँड में अभी भी अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था। उसकी गाँड क्रीम और मेरे वीर्य से इतनी गीली हो चुकी थी कि मुझे अपना लंड जड़ तक घुसाने में कोई तकलीफ़ नहीं हो रही थी।
पर हमें नीचे पार्टी में भी शामिल होना था, इसलिए मैंने अपना लंड धीरे-धीरे उसकी गाँड से निकालना शुरू किया। जब मेरा लंड उसकी गाँड से बाहर निकल आया तो सुधा ने घूम कर मुझे चूम लिया, “मैं जानती हूँ तुमने आज पहली बार किसी की गाँड मारी है और तुम्हें खूब मज़ा आया है। मुझे भी मज़ा आया है, आज के बद तुम जब चाहो मेरी गाँड मार सकते हो।”
सुधा के इन शब्दों ने जैसे मेरे मुर्झाये लंड में जान फूँक दी। मेरा लंड फ़िर से तन कर खड़ा हो गया। मैं समझ गया कि मुझे सुधा की गाँड मारने का और मौका भविष्य में मिलेगा। Sh

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