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बीवी की अदला बदली कर लिए चुदाई के मज़े

ये कहानी करीब आज से छः महीने पहले शुरू हुई जब हमारे बगल के फ्लैट में नये पड़ोसी रहने के लिये आये।

हमारे नये पड़ोसी मिस्टर विनोद एक कंसल्टेंट हैं, और उनकी पत्नी सुधा एक घरेलू महिला थी। वैसे तो मुम्बई इतना व्यस्त शहर है कि यहाँ किसी को किसी के लिये फुर्सत ही नहीं है। नये पड़ोसी होने के नाते हमारी जान पहचान बढ़ी और हम दो परिवार काफी घुल मिल गये थे।

मैं और मेरी पत्नी नेहा के विचार एक समान थे। हम दोनों खुले सैक्स में विश्वास रखते थे। शादी के पहले ही हम दोनों सैक्स का मज़ा ले चुके थे। हम दोनों अपनी पूरानी सैक्स घटनाओं के बारे में अक्सर एक दूसरे को बताते रहते थे। चुदाई के किस्से सुनाते या सुनते वक्त नेहा इतनी उत्तेजित हो जाती की उसकी चूत की प्यास मिटाना कभी मुश्किल हो जाता था।

मैंने और नेहा ने इस शनिवार को विनोद और सुधा को अपने यहाँ खाने की दावत दी। दोनों राज़ी हो गये। विनोद एक शानदार व्यक्तित्व का मालिक था, ६’२ ऊँचाई और कसरती बदन। सुधा भी काफी सुंदर थी, गोल चेहरा, लंबी टाँगें और खास तौर पर उसकी नीली आँखें। पता नहीं उसकी आँखों में क्या आकर्षण था कि जी करता हर वक्त उसकी आँखों में इंसान झाँकता रहे।

Biwi ki Adla Badli

शनिवार की शाम ठीक सात बजे विनोद और सुधा हमारे घर पहुँचे। विनोद ने शॉट्‌र्स और टी-शर्ट पहन रखी थी, जिससे उसका कसरती बदन साफ़ झलक रहा था। सुधा ने कॉटन का टॉप और जींस पहन रखी थी। उसके कॉटन के टॉप से झलकते उसके निप्पल साफ़ बता रहे थे की उसने ब्रा नहीं पहन रखी है। उसकी काली जींस भी इतनी टाईट थी की उसके चूत्तड़ों की गोलाइयाँ किसी को भी दीवाना कर सकती थी। उसके काले रंग के ऊँची हील के सैंडल उसकी लंबी टाँगों को और भी सैक्सी बना रहे थे। उसे इस सैक्सी पोज़ में देख मेरे लंड में सरसराहट होने लग गयी थी।

मैंने देखा की नेहा विनोद की और आकर्षित हो रही है। वो अपने अधखुले ब्लाऊज़ से विनोद को अपनी चूचियों के दर्शन करा रही थी। आज नेहा अपनी टाईट जींस और लो-कुट टॉप में कुछ ज्यादा ही सुंदर दिख रही थी। वहीं सुधा भी मेरे साथ ऐसे बरताव कर रही थी जैसे हम कई बरसों पुराने दोस्त हों।

हम चारों आपस में ऐसे बात कर रहे थे कि कोई देख के कह नहीं सकता था कि हमारी जान पहचान चंद दिनों पूरानी है। पहले शराब का दौर चला और फिर खाना खाने के बाद हम सब ड्राईंग रूम में बैठे थे।

मैंने स्टीरियो पर एक री-मिक्स की कैसेट लगा दी। सुधा ने खड़ी हो कर विनोद को डाँस करने के लिये कहा, किंतु उसने उसे मना कर दिया। शायद उसे नशा हो गया था, मगर उसने सुधा को मेरे साथ डाँस करने को कहा। सुधा ने मुझे खींच कर खड़ा कर दिया।

हम दोनों गाने की धुन पर एक दूसरे के साथ नाच रहे थे। सुधा ने अपने दोनों हाथ मेरी गर्दन पर रख हुए थे और मुझसे सटते हुए नाच रही थी। उसके बदन की गर्मी मुझे मदहोश कर रही थी। मैंने भी अपने दोनों हाथ उसकी कमर पे रख उसे अपने और करीब खींच लिया।

उसके बदन की गर्माहट और बदन से उठती खुशबू ने मुझे मजबूर कर दिया और मैंने कसके उसे अपनी छाती से चिपका लिया। मेरा लंड उसकी चूत पे ठोकर मार रहा था। तभी मुझे खयाल आया कि मेरी बीवी और उसका पति भी इसी कमरे में हैं। मैंने गर्दन घुमा के देखा तो पाया की नेहा विनोद को खींच कर डाँस के लिये खड़ा कर चुकी है।

शायद मेरी बीवी की सुंदरता और खुलेपन ने विनोद को डाँस करने पे मजबूर कर दिया था, इसलिए वो नेहा को मना नहीं कर पाया। दोनों एक दूसरे को बांहों में ले हमारे पास ही डाँस कर रहे थे। नाचते-नाचते नेहा ने लाईट धीमी कर दी। कमरे में बहुत ही हल्की रोशनी थी। हम चारों कामुक्ता की आग में जल रहे थे।

सुधा मुझसे और चिपकती हुई मेरे कान में बोली, “अच्छा है थोड़ा अंधेरा हो गया।”

मैंने उसे और कस के अपनी बांहों में ले अपने होंठ उसके होंठों पे रख दिए। उसने भी सहयोग देते हुए अपना मुँह खोल दिया और जीभ मेरे मुँह में डाल दी। हम दोनों एक दूसरे की जीभ चुभलाने लगे।

मेरे दोनों हाथ अब उसके चूत्तड़ों को सहला रहे थे। सुधा के हाथ मेरी पीठ पर थे और वो कामुक हो मेरी पीठ को कस के भींच लेती थी। मेरा लंड पूरा तन कर उसकी चूत को जींस के ऊपर से ही रगड़ रहा था। अच्छा था कि वो हाई हील की सैंडल पहनी हुई थी जिससे की उसकी चूत बिल्कुल मेरे लंड के स्तर तक आ रही थी। सुधा ने अपने आप को मुझे सोंप दिया था। मैंने पीछे से अपने दोनों हाथ उसकी जींस में डाल दिए और पाया की उसने पैंटी नहीं पहनी हुई है। मेरे हाथ अब उसके मुलायम चूत्तड़ों को जोर से भींच रहे थे, वो भी उत्तेजित हो अपनी चूत मेरे लंड पे रगड़ रही थी।

मेरी बीवी नेहा का खयाल आते ही मैंने गर्दन घुमा के देखा तो चौंक पड़ा। दोनों एक दूसरे से चिपके हुए गाने की धुन पर डाँस कर रहे थे। विनोद के हाथ नेहा के शरीर पर रेंग रहे थे। नेहा भी उसे अपने बांहों में भर उसके होंठों को चूस रही थी।

मैं सुधा को बांहों में ले इस पोज़िशन में डाँस करने लगा कि मुझे नेहा और विनोद साफ़ दिखायी पड़ें। चार साढ़े-चार इंच की हाई हील की सैंडल पहने होने के बावजूद नेहा विनोद के कंधे तक मुश्किल से ही पहुँच पा रही थी। विनोद का एक हाथ नेहा की चूचियों को सहला रहा था और दूसरा हाथ दूसरी चूँची को सहलाते हुए नीचे की और बढ़ रहा था, और नीचे जाते हुए अब वो उसकी चूत को उसकी टाईट जींस के ऊपर से सहला रहा था। I and Sushil thinking about sex of wife swapping and enjoy the hindi sex story Biwi ki adla badli.

मुझे हैरानी इस बात की थी कि उसे रोकने कि बजाय नेहा विनोद को सहयोग दे रही थी। उसने अपनी टाँगें थोड़ी फैला दी जिससे विनोद के हाथों को और आसानी हो। पर मैं कौन होता हूँ शिकायत करने वाला। मैं खुद उसकी बीवी को बांहों में भरे हुए उसे चोदने के मूड में था।

मेरे भी हाथ सुधा के चूत्तड़ों को सहला रहे थे। सुधा उत्तेजना में मुझे चूमे जा रही थी। तभी मैंने देखा कि विनोद ने अपना एक हाथ नेहा के टॉप में डाल कर उसके मम्मों पे रख दिया था। जब उसने नेहा की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं देखी तो उसने हाथ पीठ की और ले जाकर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए। मुझे उस पारदर्शी टॉप से साफ दिखायी दे रहा था कि विनोद के हाथ अब नेहा के मम्मों को सहला रहे थे।

माहोल में जब चुदाई का आलम फ़ैलता है तो सब पीछे रह जाता है। मैंने भी आगे बढ़ कर सुधा के चूत्तड़ से हाथ निकाल उसकी जींस के बटन खोल जींस उतार दी। पैंटी तो उसने पहनी ही नहीं थी।

“मैं सोच रही थी कि तुम्हें इतनी देर क्यों लग रही है।” सुधा अपने सैंडल युक्त पैरों से अपनी जींस को अलग करती हुए बोली। “प्लीज़ मुझे प्यार करो ना!” Sudha is licking very nicely in Biwi ki adla badli a Hindi Sex Story .

मैंने अपना हाथ बढ़ा कर उसकी चूत पे रख दिया। हाथ रखते ही मैंने पाया कि उसकी चूत एक दम सफ़ाचट थी। उसने अपनी चूत के बाल एक दम शेव किए हुए थे। बिना झाँटों की एक दम नयी चूत मेरे सामने थी। मैंने अपने हाथ का दबाव बढ़ा दिया और उसकी चूत को जोर से रगड़ने लगा। मैंने अपनी एक अँगुली उसकी चूत के मुहाने पर घुमायी तो पाया कि उसकी चूत गीली हो चुकी थी।

“तुम अपनी अँगुली मेरी चूत में क्यों नहीं डालते, जिस तरह मेरे पति ने अपनी अँगुली तुम्हारी बीवी की चूत में डाली हुई है।” उसने कहा तो मैंने घूम कर देखा और पाया कि विनोद का एक हाथ मेरी बीवी की चूचियों को मसल रहा है और दूसरा हाथ उसकी खुली जींस से उसकी चूत पे था। उसके हाथ वहाँ क्या कर रहे थे मुझे समझते देर नहीं लगी।

अचानक मेरी बीवी नेहा ने अपनी आँखें खोली और मेरी तरफ़ देखा। वो एक अनजान आदमी के हाथों को अपनी चूत पे महसूस कर रही थी और मैं एक परायी औरत की चूत में अँगुली कर रहा था। वो मेरी तरफ़ देख कर मुस्कुरायी और मैं समझ गया कि आज की रात हम दोनों के ख्वाब पूरे होने वाले हैं। नेहा मुस्कुराते हुए अपनी जींस और पैंटी पूरी उतार कर नंगी हो गयी।

जैसे ही उसने अपनी जींस और पैंटी उतारी, उसने विनोद के कान में कुछ कहा। विनोद ने उसकी ब्रा और टॉप भी उतार दिए। अब वो एक दम नंगी उसकी बांहों में थी। विनोद के हाथ अब उसके नंगे बदन पर रेंग रहे थे।

“लगता है हम उनसे पीछे रह गये।” कहकर सुधा ने मुझसे अलग होते हुए अपना टॉप उतार दिया। जैसे हम किसी प्रतिस्पर्धा में हों। सुधा अब बिल्कुल नंगी हो गयी, उसने सिर्फ पैरों में हाई-हील के सैंडल पहने हुए थे।

“लगता है कि हमें उनसे आगे बढ़ना चाहिए,” कहकर सुधा ने मेरी जींस के बटन खोल मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया। सुधा मेरे लंड को सहला रही थी और मेरा लंड उसके हाथों की गर्माहट से तनता जा रहा था। सुधा एक अनुभवी चुदक्कड़ औरत की तरह मेरे लंड से खेल रही थी। Neha is too hot and ready for sex and want an new experience of wife swapping in Biwi ki Adla Badli

मैं भी अपनी जींस और अंडरवियर से बाहर निकल नंगा सुधा के सामने खड़ा था। सुधा ने मेरे लंड को अपने हाथों में लिया, जो तन कर सढ़े आठ इंच का हो गया था। “बहुत मोटा और लंबा है” कहकर सुधा लंड को दबाने लगी।

मैंने घूम कर देखा तो पाया कि मेरी बीवी मुझसे आगे ही थी। नेहा विनोद के सामने घुटनों के बल बैठी उसके लंड को हाथों में पकड़े हुए थी। विनोद का लंड लंबाई में मेरे ही साईज़ का था पर कुछ मुझसे ज्यादा मोटा था। नेहा उसके लंड की पूरी लंबाई को सहलाते हुए उसके सुपाड़े को चाट रही थी।

मुझे पता था कि नेहा की इस हर्कत का असर विनोद पर बुरा पड़ने वाला है। नेहा लंड चूसने में इतनी माहिर थी कि उसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता था। उसका लंड चूसने का अंदाज़ ही अलग था। वो पहले लंड के सुपाड़े को अपने होठों में ले कर चूसती और फिर धीरे-धीरे लंड को अपने मुँह में भींचती हुई नीचे की और बढ़ती जिससे लंड उसके गले तक चला जाता। फिर अपनी जीभ से चाटते हुए लंड ऊपर की और उठाती। यही हर्कत जब वो तेजी से करती तो सामने वाले की हालत खराब हो जाती थी।

इसी तरह से वो विनोद के लंड को चूसे जा रही थी। जब वो उसके सुपाड़े को चूसती तो अपने थूक से सने हाथों से जोर-जोर से लंड को रगड़ती। मैं जानता था कि विनोद अपने आपको ज्यादा देर तक नहीं रोक पायेगा। Biwi ki adla badli

करीब दस मिनट तक नेहा विनोद के लंड की चूसाई करती रही। मैं और सुधा भी दिलचस्पी से ये नज़ारा देख रहे थे। विनोद ने अपने लंड को नेहा के मुँह से बाहर निकाला और मेरे और सुधा के पास आ खड़ा हो गया। सुधा मेरे लंड को सहला रही थी और विनोद अपने होंठ सुधा के होंठों पे रख उन्हें चूमने लगा। सुधा उससे अलग होते हुए बोली, “अजय! सुशील को बताओ न कि मुझे किस तरह की चुदाई पसंद है।”

फिर कामुक्ता का एक नया दौर शुरू हुआ। विनोद अपनी बीवी सुधा के पीछे आकर खड़ा हो गया और मुझे उसके सामने खड़ा कर दिया। फिर सुधा के माथे पे आये बालों को हटाते हुए मुझसे बोला, “सुशील इसके होंठों को चूसो।”

मैंने एक आज्ञाकारी शिष्य की तरह आगे बढ़ कर अपने होंठ सुधा के होठों पर रख दिए। सुधा ने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी। हम दोनों एक दूसरे की जीभ को चूस रहे थे। “अब इसकी चूचियों को चूसो,” विनोद ने कहा। Biwi ki adla badli mein |

मैं नीचे झुक कर सुधा की चूँची को हाथों में पकड़ कर उसका निप्पल अपने मुँह में ले चूसने लगा। उसकी चूचियाँ बहुत बड़ी और कसी हुई थी। गोल चूंची और काले सख्त निप्पल काफी मज़ा दे रहे थे।

“दूसरी को नज़र अंदाज़ मत करो” कहकर उसने सुधा की दूसरी चूँची पकड़ मेरे मुँह के आगे कर दी। मैं अपने होंठ बढ़ा कर उसके दूसरे निप्पल को अपने मुँह मे ले चूसने लगा। Its very fantastic sexual experience of both the couple of wife swapping means Biwi ki Adla Badli

करीब पाँच मिनट तक मैं उसकी चूचियों को चूसता रहा, और मैंने पाया कि विनोद के हाथ मेरे कंधों पे थे और मुझे नीचे की और दबा रहा था। मुझे इशारा मिल गया। कैसे एक पति दूसरे मर्द को अपनी बीवी से प्यार करना सिखा रहा था। मैंने नीचे बैठते हुए पहले उसकी नाभी को चूमा और फिर उसकी कमर को चूमते हुए अपने होंठ ठीक उसकी चूत के मुख पे रख दिए।

जब मैं उसकी चूत पे पहुँचा तो मैं दंग रह गया। विनोद ने सुधा के पीछे से अपने दोनों हाथों से उसकी चूत की पंखुड़ियाँ पकड़ के इस कदर फैला दी थीं, जिससे मुझे उसकी चूत को चाटने में आसानी हो। जैसे ही मैंने अपने जीभ उसकी चूत पे फ़िरायी, मैंने पाया कि मेरी बीवी नेहा ठीक मेरे बगल में बैठी थी और उसकी निगाहें सुधा की चूत पे टिकी हुई थी।

विनोद को अच्छी तरह पता थी कि मर्द की कौन सी हर्कत उसकी बीवी की चूत में आग लगा सकती थी, “अब अपनी जीभ से इसकी चूत के चारों और चाटो”, उसने कहा। What a fuck dear you give me great excitement of sex in Biwi ki adla badli.

आज मैं कई सालों के बाद किसी दूसरी औरत की चूत को चाट रहा था, वो भी जब कि मेरी बीवी छः इंच की दूरी पे बैठी मुझे निहार रही थी। मैंने अपना एक हाथ बढ़ा कर नेहा की चूत पे रखा तो पाया कि उत्तेजना में उसकी चूत भी गीली हो चुकी थी। मैं अपनी दो अँगुलियाँ उसकी चूत में घुसा कर अंदर बाहर करने लगा। मैं सुधा की चूत को चाटे जा रहा था और नेहा मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी।

“अब इसकी चूत को नीचे से ऊपर तक चाटो और करते जाओ?” विनोद ने सुधा की चूत और फ़ैलाते हुए कहा। मैंने वैसे ही किया जैसा उसने करने को कहा। सुधा की चूत से उठी मादक खुशबू मुझे और पागल किये जा रही थी।

“अब अपनी पूरी जीभ सुधा की चूत में डाल दो?” विनोद ने कहा। सुधा ने भी अपनी टाँगें और फैला दी जिससे मुझे और आसानी हो सके। मैं अपनी जीभ उसकी चूत में घुसा कर उसे जोर से चोद रहा था। सुधा की सिस्करियाँ शुरू हो चुकी थी, “हाँ राज… चूसो मेरी चूत को… निचोड़ लो मेरी चूत का सारा पानी, ओहहहहह हँआआआआआआँ!” विनोद सुधा के चूत को फ़ैलाये उसके पीछे खड़ा था। मैं और तेजी से उसकी चूत को चूसने लगा। इतने में सुधा का शरीर अकड़ा और जैसे कोई नदी का बाँध खोल दिया गया हो, उस तरह से उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया। मेरा पूरा मुँह उसके रस से भर गया। सुधा जमीन पे बैठ कर अपनी उखड़ी साँसों को संभालने लगी।

थोड़ी देर सुस्ताने के बाद उसने मेरे चेहरे को अपने नज़दीक कर मुझे चूम लिया, “सुशील अब मैं चुदवाने के लिये तैयार हूँ!” इतना कहकर सुधा मेरा हाथ पकड़ मुझे सोफ़े के पास ले गयी। Vinod’s idea of wife swapping in Hindi sex story Biwi ki adla badli is very excited.

सुधा सोफ़े पे झुक कर घोड़ी बन गयी, और थोड़ा नीचे झुकते हुए उसने अपने गोरे चूत्तड़ ऊपर उठा दिए। उसकी गुलाबी और गीली चूत और उठ गयी थी। मैं अपने हाथ से उसके चूत्तड़ सहलाने लगा। फिर मैं अपना लंड उसकी चूत पर रख कर घिसने लगा। मैंने गर्दन घुमा कर देखा तो विनोद और नेहा मेरे बगल में खड़े एक दूसरे के नंगे बदन को सहला रहे थे, मगर उनकी आँखें मेरे लंड पे टिकी हुई थी। मैंने अपने लंड को धीरे से सुधा की चूत में घुसा दिया।

सुधा की चूत काफी गीली थी और एक बार वो झड़ भी चुकी थी, फिर भी मुझे उसकी चूत में लंड घुसाने में बहुत जोर लगाना पड़ रहा था। इतनी कसी चूत थी उसकी। मैंने एक जोर का धक्का मार अपना लंड उसकी चूत की जड़ तक डाल दिया और उसे चोदने लगा।

मैंने देखा कि विनोद और नेहा हमारे पास आ गये हैं। नेहा ने ठीक सुधा के बगल में सोफ़े पर लेट कर अपनी टाँगें फैला दी। उसकी चूत का मुँह और खुल गया था। उसकी गुलाबी चूत इतनी प्यारी थी और जैसे कह रही हो कि आओ मुझे चोदो। विनोद उसकी टाँगों के बीच आकर अपना खड़ा लंड उसकी चूत पे घिसने लगा।

मैं सुधा की चूत को पीछे से चोद रहा था इसलिए मुझे साफ और अच्छी तरह दिखायी दे रहा था कि विनोद किस तरह अपना लंड नेहा की चूत पे रगड़ रहा था। सुधा ने अपना एक हाथ बढ़ा कर विनोद के लंड को अपने हाथों में ले लिया और उसे नेहा की चूत के मुँह पे रख दबाने लगी।

क्या नज़ारा था, एक औरत दूसरे मर्द से चुदवा रही थी और अपने पति का लंड उस मर्द की बीवी की चूत पे रगड़ उसे चोदने को कह रही थी। मैं उत्तेजना के मारे सुधा के चूत्तड़ पकड़ कर कस-कस के धक्के लगा रहा था। सुधा ने नेहा की चूत अपने हाथों से और फैला दी और विनोद के लंड को ठीक वहीं पे रख दिया। विनोद ने इशारा समझ कर एक ही धक्के में अपना लंड पूरा पेल दिया।

विनोद मेरी बीवी नेहा को जोर के धक्कों के साथ चोद रहा था और मैं उसकी बीवी सुधा की चूत मे अपना लंड पेल रहा था। मैंने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ायी तो सुधा पीछे की और घूम कर बोली, “सुशील थोड़ा धीरे-धीरे चोदो और अपनी बीवी को देखो।”

मैंने देखा कि नेहा की टाँग मुड़ कर उसकी चूचियों पे थी और विनोद धीमे धक्कों के साथ उसे चोद रहा था। उसका मोटा लंड वीर्य रस से लसा हुआ लाईट में चमक रहा था। इतने में सुधा अपनी एक अँगुली नेहा की चूत में डाल अंदर बाहर करने लगी। सुधा की अँगुली और विनोद का लंड एक साथ नेहा की चूत में आ जा रहे थे। नेहा भी पूरी उत्तेजना में अपने चूत्तड़ उछाल कर विनोद के धक्कों का साथ दे रही थी।

इतनी जोरदार चुदाई देख मैंने भी अपने धक्कों में तेजी ला दी। सुधा भी अपने चूत्तड़ पीछे की और धकेल कर ताल से ताल मिला रही थी। मैंने अपनी एक अँगुली सुधा की चूत में डाल कर गीली की और फिर उसकी गाँड के छेद पे घुमा कर धीरे से अंदर डाल दी। सुधा सिसक पड़ी, “ओहहहहह सुशील क्याआआआआ कर रहे हो?” मैंने उसकी बात पे ध्यान नहीं दिया और उसे जोर से चोदते हुए अपनी अँगुली उसकी गाँड के अंदर बाहर करने लगा। अब उसे भी मज़ा आने लगा था। वहीं पर विनोद भी जम कर नेहा की चुदाई कर रहा था। मैंने सुधा के शरीर को अकड़ता पाया, और उसने मेरे लंड को अपनी चूत की गिरफ़्त में ले लिया।

मैं जोर-जोर के धक्के लगा रहा था, मेरा भी पानी छूटने वाला था। मैंने दो चार धक्के मारे और मेरे लंड ने सुधा की चूत में बौंछार कर दी, साथ ही सुधा की चूत ने भी अपना पानी छोड़ दिया। Sudha is going to meet orgasm in Biwi ki Adla Badli a hindi sex story

मैं फिर भी धक्के मारे जा रहा था और अपनी बीवी नेहा को देख रहा था। उसकी साँसें तेज थी और वो सिसक रही थी, “ओहहहहहह आआहहहहह अजय… चोदो मुझे… और जोर से…. हाँआआआ ऐसे ही चोदो…. और जोर से….!”

मैं समझ गया कि नेहा का समय नज़दीक आ गया है। उसने जोर से अपने चूत्तड़ ऊपर उठा कर विनोद के लंड को अपनी गिरफ़्त मे ले अपना पानी छोड़ दिया। विनोद का भी काम होने वाला था। वोह अपना लंड नेहा की चूत से बाहर निकाल कर हिलाने लगा और फिर उसके पेट और छाती पर अपने वीर्य की बरसात कर दी। Biwi ki adla badli Story is continued we are still waiting for Hindi sex story

विनोद अपना लंड फिर उसकी चूत में घुसा कर धक्के मारने लगा। थोड़ी देर बाद उसने अपना लंड बाहर निकाला तो वो नेहा की चूत के पानी और खुद के सफ़ेद वीर्य से लिसड़ा हुआ था। विनोद ने थोड़ा साईड में हो कर अपना लंड नेहा के मुँह में दे दिया। और सुधा अपने आप को एडजस्ट कर अपना मुँह नेहा की चूत पर रख के उसे चाटने लगी। Biwi ki Adla badli|

मेरा लंड फिर तनाव में आ गया था और मैं जोर के धक्कों के साथ सुधा को चोद रहा था। सुधा मेरी बीवी की चूत को चूस रही थी और नेहा विनोद के लंड को। माहौल में काम की आग दहक रही थी और हम चारों उत्तेजना से भरे पड़े थे।

दो चार कस के धक्के मार कर मैंने एक बार फिर अपना पानी सुधा की चूत में छोड़ दिया। नेहा की चूत ने भी सुधा के मुँह में अपना पानी छोड़ दिया और वहीं नेहा भी विनोद के लंड से छूटे पानी को पी रही थी। Biwi ki Adla badli|

हम चारों पसीने में लथ-पथ थे और साँसें तेज हो गयी थी। ऐसी जमकर चुदाई शायद सभी ने पहली बार की थी। हम सब लेट कर सुस्ताने लगे। सुधा ने मुझे बांहों में भर कर चूमते हुए कहा, “सुशील ऐसी चुदाई मैंने आज पहली बार की है, तुम्हारे चोदने का अंदाज़ सही में निराला है।”

ये तो मुझे विनोद ने सिखाया कि तुम्हें किस तरह की चुदाई पसंद है,” मैंने उसे चूमते हुए जवाब दिया।

रात के बारह बज चुके थे और दूसरे दिन काम पर भी जाना था। विनोद और सुधा खड़े हो कर अपने कपड़े पहनने लगे। कपड़े पहन कर दोनों ने हमसे विदा ली और अपने घर चले गये। मैं और नेहा भी एक दूसरे को बांहों में ले सो गये।Biwi ki Adla badli|

अगले कुछ दिनों तक हमारी मुलाकात विनोद और सुधा से नहीं हो पायी। उस रात की चुदाई ने हमारी सैक्स लाईफ को एक नया मोड़ दिया था। अक्सर रात को बिस्तर में हम उस रात की चर्चा करते और जमकर चुदाई करते। हम दोनों की इच्छा थी कि विनोद और सुधा के साथ एक रात और गुज़ारी जाये।

इस  कहानी  का अगला भाग और भी रोमांचक है इंतज़ार कीजिये जल्द ही आएगा|Biwi ki Adla badli|

कहानी कैसी लगी अपने विचार कमेंट में जरूर दीजियेगा|

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