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दो चूतों का एक साथ मज़ा

दोस्तो, मैं फेहमिना इक़बाल एक बार फिर आप सबके सामने अपनी नई कहानी लेकर हाजिर हूँ. बहुत दिनों बाद आने के लिए माफी चाहती हूँ मगर मैं किसी काम में फंस गई थी इसलिए परमसुख पर नई कहानी नहीं लिख पाई.
मगर आप लोगों ने मुझे मेल की जरिये अपना बहुत प्यार दिया है उसके लिए आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद.
चलिए तो अब मैं अपनी कहानी पर आती हूँ.

यह कहानी इसी दीवाली की है. दीवाली से दो दिन पहले मेरी सहेली नेहा ने मुझे और आयेशा को अपने घर आने का न्योता दिया जिसे मैंने खुशी खुशी स्वीकार कर लिया क्योंकि नेहा मेरी सबसे अच्छी सहेली है.
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दीवाली वाले दिन मैं और आयेशा बहुत अच्छे से तैयार हुई, मैंने और आयेशा ने डीप ब्लाउज और लहँगा पहना था. कुल मिलाकर हम दोनों माल लग रही थी.

हम नेहा के घर पहुंची तो वहाँ नेहा और उसके मम्मी पापा ने हमारा बहुत अच्छे से स्वागत किया. तभी वहाँ नेहा का भाई और उसके दो कजिन आ गए.
नेहा ने हमारी पहचान उनसे करवाई तो वो तीनों हम दोनों को आँखें फाड़ फाड़ कर देखने लगे. उनकी नजर हम दोनों बहनों के बूब्स पर ही टिकी हुई थी.

फिर हम सब मिलकर पटाके छोड़ने लगे तो नेहा का एक कजिन जिसका नाम रोहन था वो बार बार आयेशा से चिपकने की कोशिश कर रहा था जिसे आयेशा और मैंने महसूस कर लिया था.
आयेशा ने मेरी तरफ देखा तो मैंने उसे इशारे से साइड में बुला लिया, वो आते ही बोली- यार रोहन अकेले में मुझसे मिलना चाहता है.
तो मैंने आयेशा को बोला- यहाँ कुछ मत करना, जो कुछ करना है बाद में कर लेना.

वो चली गई.

फिर थोड़ी देर बाद उसने रोहन से कुछ कहा तो रोहन ने मौका देखकर उसके बूब्स दबा दिए और स्माइल करता हुआ वहाँ से चला गया. फिर थोड़ी देर तक वहाँ रुक कर हम भी चलने के लिए निकलने लगे तो नेहा के पापा ने कहा कि अमन (नेहा का भाई) तुम दोनों को छोड़ देगा.
तो हम दोनों के साथ अमन रोहन और रोहित तीनों ही चल दिये.
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गाड़ी में आगे की सीट पर रोहित और अमन थे पीछे हम दोनों और रोहन था. थोड़ी देर बाद मैंने महसूस किया कि रोहन आयेशा की जांघें सहला रहा था, आयेशा भी मजे ले रही थी. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं थी.

थोड़ी देर बाद जब हम घर पहुँचे तो वो तीनों जाने लगे, अचानक आयेशा ने उन्हें कॉफ़ी के लिए पूछ लिया वो तीनों तो जैसे रूकने के लिए इन्तजार कर रहे थे, वो तुरंत रुक गए, तीनों अंदर आ गए.
उन्हें अंदर बैठा कर मैं कॉफ़ी बनाने चली गई.

मैंने किचन में से देखा कि आयेशा उठी और बाथरूम की तरफ जाने लगी. उसके थोड़ी देर बाद रोहन ने अमन और रोहित को कुछ बोला और आयेशा के पीछे बाथरूम में जाने लगा.
वो लोग करीब 10 मिनट बाद वापस आये.
बाथरूम से निकल कर आएशा सीधे रूम की तरफ भाग गई. रोहन भी अपनी जगह आकर बैठ गया. फिर हमने साथ कॉफी पी.

रोहित जो मेरे पास बैठा था, वो धीरे से मेरी तरफ आ गया और उसने एक हाथ मेरी जांघ पर रख दिया और सहलाने लगा.
मैंने गुस्से में उसकी तरफ देखा और उसका हाथ हटा दिया और उसे भला बुरा सुनाने लगी.
रोहित बोला- साली, तेरी बहन तो एक नम्बर की रंडी है, मेरा भाई अभी उसे चोद कर आया है और तू सीधी होने का नाटक कर रही है.

यह सुनकर मैंने आएशा की तरफ देखा तो वो हँसने लगी.
मैंने मन ही मन सोचा कि ये साली मुझे भी रंडी बनाकर छोड़ेगी.

तभी रोहित ने मुझे वहीं सोफे पर धक्का दिया और मुझे किस करने लगा. उधर रोहन ने फिर से आयेशा को पकड़ लिया. रोहित मेरे बूब्स बहुत जोर से दबा रहा था जिस वजह से मुझे दर्द होने लगा.
तभी अमन ने रोहित के कान में कुछ कहा तो रोहित हट गया और अमन ने मेरे बूब्स दबाये और किस करके बोला कि हम लोग कल आएंगे.
और फिर वो चले गए.

उनके जाते ही मैंने आयेश को बहुत डांटा, मैंने उसको बोला- तू ऐसे किसी से भी कैसे चुद सकती है?
तो वो बोली- यार, रोहन ने मेरी चूत पर हमला कर दिया था तो मैं अपनी हवस पर काबू नहीं कर पाई.
मैं उसकी इस बात पर हंस दी और उसे प्यार से एक थप्पड़ मारकर सोने चली गई.

अगले दिन सुबह ही हमारे घर की घंटी बजी तो मैं उठ कर गेट खोलने चली गई क्योंकि उस वक़्त हम दोनों ही सो रही थी.
गेट खोलते ही रोहित ने मुझे गोद में उठा लिया और वो तीनों अंदर आ गए. फिर वो मुझे अंदर कमरे में ले आये.

आयेशा अभी भी सो रही थी, उसकी गांड ऊपर की तरफ थी तो रोहन ने उसकी गांड पर एक थप्पड़ मारा तो आयेशा उठ गई. रोहन को देखकर वो उसके गले लग गई. तभी उन तीनों ने हम दोनों को नंगी कर दिया और खुद भी नंगे हो गए.

रोहित ने मुझे और रोहन ने आयेशा को पकड़ रखा था अमन हम दोनों के पीछे जाकर हमारी गांड सहलाने लगा. फिर वो नीचे बैठकर मेरी गांड चाटने लगा और एक हाथ से आयेशा की फिर रोहन उसे लेकर बिस्तर पर आ गया. अब वो दोनों 69 अवस्था में थे.

इधर रोहित मेरे बूब्स को दबा दबा कर निचोड़ रहा था. मैंने दर्द भारी आवाज में कहा- एआइईईई जानू, धीरे से दबाओ, मैं कहीं भाग नहीं रही हूँ.
मगर उसे तो जैसे कोई खजाना मिल गया था, वो जोर से मेरे बूब्स दबाने के साथ साथ मेरी चूत में भी उंगली कर रहा था.
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फिर रोहित भी मुझे उसी बिस्तर पर ले गया. अब हम पांचों एक ही बिस्तर पर नंगे पड़े थे. रोहित थोड़ी देर मेरी चूत चाटने के बाद 69 अवस्था में ले आया. अब मैं भी उसका लंड चूस रही थी और वो मेरी गांड के छेद को चाट रहा था.

लगभग 15 मिनट बाद मैंने देखा कि रोहन ने आयेशा की चुदाई शुरू कर दी हैं. अब मुझे भी चुदने का मन करने लगा. रोहित इस बात को समझ गया फिर उसने मुझे घोड़ी बना दिया और
अपने लंड को मेरी चूत पर रगड़ने लगा.
वो कमीना लंड चूत में नहीं डाल रहा था तो मैंने उससे कहा- रोहित जल्दी डाल, मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा!
मगर वो बस चूत पर रगड़ रहा था.

फिर मैंने गुस्से में कहा- बहनचोद, लंड में जान नहीं है क्या जो बस रगड़ रहा है. चूत में नहीं डाल रहा मादरचोद?
वो कुछ नहीं बोला, बस रगड़ता रहा.

अब मुझसे बिल्कुल भी सहन नहीं हो रहा था तो मैं उसके आगे गिड़गिड़ाने लगी तो उसके चेहरे पर एक कमीनी हँसी आ गई, उसने एक झटके में अपना पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया.
अचानक हुए इस हमले से मैं पूरी तरह से हिल गई और ‘आआईई उम्म्ह… अहह… हय… याह… भोसड़ी के मार डाला मादरचोद आआह्ह ह्ह्ह…’ ही बोल पाई.
मैंने उससे बड़े बड़े लंड मेरी चूत में लिए थे मगर उसके इस तरह से चोदने में अलग ही दर्द हुआ.

फिर उसने मुझे बहुत देर तक उसी अवस्था में चोदा.
अब मैं थक चुकी थी तो मैं लेट गई वो फिर से अपना लंड मेरी चूत में डालने ही वाला था कि मैंने उसे रोक दिया तो उसने पूछा- क्या हुआ?
मैंने कहा- पहले कंडोम लगाओ.
वो बोला- कंडोम से मज़ा नहीं आता!
मैंने कहा- मैं बिना कंडोम के नहीं करुँगी.

उसने अपनी जेब से कंडोम निकाला तो मैंने एक कंडोम रोहन और अमन को दिया. रोहन ने आयेशा को पूछा तो आयेशा ने कहा कि वो बिना कंडोम के चुदना चाहती है.
मैंने कहा- नहीं, तुम लोग भी कंडोम लगा कर ही चुदाई करो.

मेरी इस जिद के आगे उन दोनों को झुकना पड़ा. मैंने रोहित के लंड पर और आयेशा ने रोहन के लंड पर कंडोम चढ़ा दिया. फिर उन दोनों ने हम दोनों की चुदाई शुरू कर दी.

थोड़ी देर बाद आयेशा ने रोहन को कहा- अब अमन को आने दो.
तो अमन ने रोहन की जगह ले ली और एक झटके में पूरा लंड आयेशा की चूत में डाल दिया.

थोड़ी देर बाद आयेशा बोली- तुम दोनों मुझे एक साथ चोदो.
तो अमन नीचे लेट गया आयेशा उसके ऊपर आ गई और उसका लंड अपनी चूत में ले लिया, फिर रोहन ने उसकी गांड फैला कर अपना लंड उसकी गांड में डाल दिया.आप यह कहानी परमसुख डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
आयेशा को बहुत दर्द हुआ मगर वो सहन कर गई.

इधर रोहित मेरी ऊपर आकर मेरी चूत में जोर से धक्के देने लगा, मैं हल्के दर्द से ‘मेरी आआईईई माँ आआह ह्ह बचा लो आआहह् आराम से अह्ह्ह्ह्ह’ कर रही थी मगर वो लगातार मेरी चूत में धक्के देता रहा.
थोड़ी देर बाद रोहित ‘आअह्ह मेरी रांड आआह्ह्ह…’ करता हुआ मेरी चूत में झड़ गया, उसका सारा वीर्य कंडोम में रह गया.

अब वो मेरे नीचे से हट गया. फिर रोहन ने आयेशा की गांड से लंड निकाल कर मेरी चूत में डाल दिया और मेरी चुदाई शुरू कर दी.
फिर रोहित मेरे पास आया मैंने उसके लंड से कंडोम हटाया फिर उसने अपने वीर्य से सने हुए लंड को मेरे मुंह में डाल दिया, मैंने उसका लंड चाट कर साफ़ कर दिया.

अमन अभी भी मेरी बहन की चूत को चोदे जा रहा था.

अब मेरी चूत में जलन होने लगी तो मैंने यह बात रोहन को बताई तो उसने मेरी चूत से लंड निकाल लिया और मेरी गांड में डाल दिया.
रोहन थोड़ी देर में झड़ने वाला था तो वो जोर जोर से मेरी गांड फाड़ने लगा, मैं दर्द के वजह से रोने लगी मगर रोहन ने मुझ पर कोई दया नहीं दिखाई.

तभी रोहन ने मेरी गांड से लंड निकाला और लंड पर से कंडोम हटा दिया, फिर वो मेरे चहरे के पास आया और अपना लंड मेरे मुंह में डालने लगा तो मैंने लंड निकाल दिया, तो वो आयेशा के पास चला गया और उसके मुंह में डाल दिया.
थोड़ी देर में वो आयेशा से मुंह में झड़ गया, आयेशा उसका सारा वीर्य पी गई.
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थोड़ी देर बाद अमन भी आयेशा की चूत में झड़ गया.

फिर हम पांचों ने खुद को साफ़ किया और वापस आकर एक दूसरे को किस किया, फिर वो तीनों चले गए और हम दोनों बहनें नंगी ही बिस्तर पर सो गई.

Hindi Antarvasna

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